Computer वायरस क्या है ? History of Computer virus !! ( ͠° ͟ʖ ͡°)

0
429

Contents

[su_button url=”Computer वायरस क्या है ? पूरी जानकारी !!” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]Computer वायरस क्या है ? पूरी जानकारी !![/su_button]

दोस्तों इस डिजिटल दुनिया में आपने वायरस शब्द का नाम तो जरूर सुना होगा! और कई बार आपने किसी व्यक्ति को।यह कहते सुना होगा कि “मेरे PC में वायरस आ गया है”! दोस्तो कहने का मतलब है कि आख़िर यह वायरस क्या होता है? और यह वायरस आपके कंप्यूटर में कैसे आता है? और कैसे आप पता कर सकते हैं कि आपके कंप्यूटर में वायरस आया है या नहीं! इसके साथ ही आपके कंप्यूटर में virus आ जाता है तो आप उसे कैसे remove कर सकते हैं!

दोस्तों इन सभी सवालों के जवाब आपको आज के इस लेख में मिल जाएंगे! अतः यदि आप वायरस के बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं तो आज के इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें! आज कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑफिस तथा घर-घर में किया जा रहा है! अब ऐसी स्थिति में हमारा कंप्यूटर जब इंटरनेट से कनेक्ट होता है तो जरा सी लापरवाही से आपके कंप्यूटर में वायरस आ सकता है! जिससे आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं!दोस्तो सबसे पहले कंप्यूटर वायरस के इतिहास पर देखते 

[su_button url=”कंप्यूटर वायरस के इतिहास !” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कंप्यूटर वायरस के इतिहास ![/su_button]

जिसने हिंदी में दुनिया में पहला कंप्यूटर वायरस का आविष्कार किया ? जब कंप्यूटर वायरस की शुरुआत हुई तो सबसे पहले कंप्यूटर वायरस जो बनाया गया था 1949 में सबसे पहली बार गणितज्ञ जॉन वॉन न्यूमैन ने Self Replicating Program बनाया था जो कि कंप्यूटर के अंदर अपने आप बढ़ता चला जाता है इसे दुनिया का सबसे पहला वायरस माना जाता है फिर 1970 में वह Bob Thomas ने इसी Self Replicating Program का इस्तेमाल करके क्रीपर वायरस को बनाया था और वह I Am The Creeper Catch Me If You Can मैसेज को दिखाता था और इस मैसेज को डिलीट करने के लिए रीपर प्रोग्राम को बनाया गया था 1982 में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले  Richard Skrenta ने Elk Cloner वायरस को बनाया था जो कि वह सिर्फ अपने दोस्तों के साथ मजाक करने के लिए बनाया था Richard Skrenta ने अपने Apple टू कंप्यूटर में कंप्यूटर पर कोड लिखा और गेम के फ्लॉपी डिस्क के जरिए वायरस को फैलाया गया. जब भी कोई Richard Skrenta का दोस्त इस को 85 बार ओपन करता तो यह वायरस एक्टिवेट हो जाता था .

कंप्यूटर की स्क्रीन के ऊपर एक कहानी को दिखाता था फिर इसके बाद पाकिस्तान के बासित अमजद नाम के दो भाइयों ने IBM के लिए ब्रेन वायरस को बनाया बासित और अमजद ने एक ऐसे मेडिकल सॉफ्टवेयर को बनाया था इस सॉफ्टवेयर की चोरी रोकने के लिए वायरस को बनाया गया था जब कोई भी अवैध तरीके से इस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करता था तो उनको एक चेतावनी दिखाई देती थी और वह मैसेज के साथ दिखाई देती थी और उस मैसेज में उसका फोन नंबर भी दिखाई देता था फिर लोग जब भी इस वायरस का शिकार होते थे तो उस स्क्रीन के ऊपर दिखाए गए फोन नंबर के ऊपर फोन करके बात करते थे और अपनी दिक्कत के बारे में बताते थे. और उसको हल पाते थे. इन फोन कॉल के जरिए बासित और अमजद को पता चल जाता कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल दुनिया में कहां पर एकली खड़ी हो रहा है यह वायरस कंप्यूटर के बूट सेक्टर प्रभावित करता कंप्यूटर को स्लो भी कर देता.

कंप्यूटर में जो डाटा या कंप्यूटर के सिस्टम को नष्ट करने वाले वायरस होता है मैलवेयर (Malware) कम्प्यूटर मे होने वाले वायरस का नाम है,  यह एक बीमारी की तरह होता है जो कि एक बार अगर किसी कंप्यूटर के अंदर आ जाता है तो Delete बहुत ही मुश्किल हो जाता है

इसलिए इस महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए आपको कंप्यूटर वायरस के बारे में जानकारी होनी बेहद आवश्यक है! जिससे आप इस  जानकारी के जरिए भविष्य में खुद की तथा दूसरों की मदद कर सकते हैं!

[su_button url=”कंप्यूटर वायरस क्या है ?” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कंप्यूटर वायरस क्या है ?[/su_button]

चलिए सबसे पहले जानते हैं कि कंप्यूटर वायरस क्या है? कंप्यूटर वायरस Malicious कोड या प्रोग्राम होता है! इस प्रोग्राम को बनाने का मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर को operate  करने के तरीके को बदलना होता है! तथा इसे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फैलाने के लिए डिजाइन किया गया होता है! दोस्तोंसरल शब्दों में वायरस को समझें तो कंप्यूटर वायरस एक प्रोग्राम फाइल होती है जिसे हैकर्स या अन्य लोगों द्वारा अवैध कार्यों को पूरा करने के लिए विकसित किया जाता है !

दोस्तों हमारा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग,Coading के जरिए कार्य करता है! और आप कंप्यूटर वायरस को इस तरह समझ सकते हैं कि जब कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग में एक character  मैं बदलाव कर दिया जाता है तो पूरी प्रोग्रामिंग बदल जाती है! जिससे वह प्रोग्राम कार्य करना बंद हो जाता है या फिर वह अलग तरीके से कार्य करता है!

ठीक उसी प्रकार जो वायरस होता है वह एक सॉफ्टवेयर ( प्रोग्रामिंग कोड )होता है तथा इस सॉफ्टवेयर में इस तरह कोडिंग की जाती है कि जब वह किसी कंप्यूटर में install होता है, तो वह कंप्यूटर के जरूरी डाटा जैसे इमेज, डाक्यूमेंट्स को ऑटोमेटिक डिलीट या फिर उस डाटा को किसी server के पास भेज देता है!

इसलिए कंप्यूटर वायरस का इस्तेमाल किसी single या नेटवर्क से जुड़े सभी कंप्यूटर को क्षतिग्रस्त करने के लिए  किया जाता है!

यदि आपके कंप्यूटर में वायरस आ जाता है! तो आपके कंप्यूटर के डैमेज(क्षतिग्रस्त) होने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है! तथा दोबारा कंप्यूटर को ठीक करने में काफी परेशानी उत्पन्न होती है जिससे कई बार हमें अपना सारा जरूरी डाटा भी खोना पड़ता है!

[su_button url=”कंप्यूटर वायरस के प्रकार !” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कंप्यूटर वायरस के प्रकार ![/su_button]

उन्होंने आपको कंप्यूटर वायरस क्या होता है और कंप्यूटर वायरस के इतिहास के बारे में बताया है तो अब हम आपको कंप्यूटर वायरस के प्रकार बताएंगे. कितने प्रकार का कंप्यूटर वायरस होता है और यह क्या-क्या चीजें प्रवाहित करते हैं.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Resident Virus ![/su_button]

कंप्यूटर की रैम के ऊपर प्रभाव डालता है इस वायरस के कारण कंप्यूटरमे सिस्टम को अपडेट करने या शूट डाउन करने या डाटा कॉपी ,पेस्ट करने मे दिक्कत पैदा करता है.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Overwrite Virus ![/su_button]

यह वायरस से इन्फेक्टेड फाइल होती है, जोकि फाइल के ओरिजिनल डाटा को नष्ट कर देती है|,

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Direct Action Virus ! [/su_button]

अगर यह वर्ष आपके कंप्यूटर में आता है तो इस वायरस के कारण कंप्यूटर में फाइल फोल्डर डिलीट होने लग जाते हैं.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]File Infectors ![/su_button]

यह वायरसबहुत ही खतरनाक वायरस होता है इस वायरस को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि यह प्रभाव रनिंग फाइल के ऊपर डालता है और उसको नष्ट कर देता है

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Boot Virus ![/su_button]

यह वायरस सबसे ज्यादा फ्लॉपी डिस्क और हार्ड ड्राइव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है इन दोनों चीजों को चलने में यह बहुत ज्यादा दिक्कत करता है ठीक से इनको चलने नहीं देता है.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Directory Virus ![/su_button]

हम बात करें इस वायरस की तो यह एक बहुत ही उल्टी किस्म का वायरस है और यह एक अजीब वायरस भी है क्योंकि यह फाइलों को उत्तल पुथल कर देता है उन फाइलों की लोकेशन को चेंज कर देता है किसी और फाइलमें डाल देता है.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Macro Virus ![/su_button]

इस वायरस का प्रभाव ज्यादातर पर्टिक्युलर प्रोग्राम और एप्लीकेशन पर होता है यह उनकी स्पीड मैं दिक्कत करता है उनको ज्यादा स्पीड से नहीं चलने देता है उनकी स्पीड को स्लो कर देता है.

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Browser Highjack Virus ![/su_button]

आज के समय में जो वायरस फैला हुआ है वह यही वायरस है यह वायरस आज के समय में बहुत ज्यादा फैल चुका है और बढ़ते हुए इंटरनेट के साथ-साथ यह इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि कोई इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकता है और यह ज्यादातर वेबसाइट. गेम .फाइल आदि के जरिए हमारे कंप्यूटर सिस्टम में दाखिल हो जाता है और यह सभी तरह की फाइलों को स्लो कर देता है उनकी सपीड के ऊपर यह कंट्रोल करता है और यह धीरे-धीरे हमारी फाइलों को भी नष्ट करने लगता है.

तो यह सभी वायरस होते हैं जो कि हमारे कंप्यूटर सिस्टम को नष्ट करने में लगे रहते हैं और यह तेजी से बढ़ते भी रहते हैं तो अब हम आपको कंप्यूटर वायरस किस कारण से हमारे कंप्यूटर में आते हैं . उनके बारे में हम आपको नीचे बताएंगे

[su_button url=”कंप्यूटर में वायरस कैसे आता है?” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कंप्यूटर में वायरस कैसे आता है?[/su_button]

तो दोस्तों इस तरह उम्मीद है आप समझ चुके होंगे कंप्यूटर वायरस क्या है? अब हम जानते हैं की आखिर आपके कंप्यूटर में वायरस कैसे आता है? आपके कंप्यूटर में वायरस आने के कई सारे कारण हो सकते हैं यहां आपको उनमें से कुछ मुख्य कारणों के बारे में बताया जा रहा है!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Accept without read[/su_button]

कई बार जब हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो हमारे सामने कोई pop up या prompt show होता है! तो हम उसे बिना पढ़े उसे Accept कर लेते हैं!

उदाहरण के तौर पर जब हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो कहीं बाहर new windows ओपन होती है जिसमें दिखाई देता है कि आपके कंप्यूटर में वायरस है और इस वायरस को रिमूव करने के लिए आपको इस सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ेगी!

और हम बिना उस सॉफ्टवेयर के बारे में पूरी जानकारी लिए बगैर उस prompt को एक्सेप्ट कर लेते हैं!

परंतु हो सकता है जिस फाइल या प्रोग्राम को आपने एक्टिवेट एक्सेस किया है उसमें इस तरह कोडिंग की गई हो जिससे किसी यूज़र कि कंप्यूटर में वायरस उत्पन्न हो जाए!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Unknown Software[/su_button]

दोस्तों  इसके अलावा जब आप PC में किसी सॉफ्टवेयर/ प्रोग्राम को अपडेट करते हैं! तो उस दौरान भी आपसे सवाल पूछा जाता है एक Additional सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने के लिए!

तथा जब आप सॉफ्टवेयर की पूर्ण जानकारी बगैर next या ok क्लिक करते हैं तथा वह प्रोग्राम आपके  कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाता है!तो इससे भी आपको बाद में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए किसी भी सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करने से पूर्व उसकी पूरी जानकारी अवश्य लें!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Infected Software Downloading[/su_button]

दोस्तों दूसरी बात यह है कि जब भी आप कंप्यूटर पर utilities, games, updates, किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल  करने जा रहे हैं उससे पूर्व आप जांच लें कि आप विश्वसनीय sources से उस फाइल को डाउनलोड कर रहे हैं या नहीं?

उदाहरण के लिए यदि आप फोटोशॉप के crack वर्जन को किसी unknown वेबसाइट से डाउनलोड कर रहे हैं! तो हो सकता है कि उसमें किसी तरह की वायरस प्रोग्रामिंग हो! अतः इससे बचने के लिए हमेशा genuine सॉफ्टवेयर को उनकी ऑफिशियल साइट या फिर secure वेबसाइट से ही डाउनलोड करें!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]E-mail Attachment[/su_button]

आपको रोजाना ढेरों ई-मेल आते होंगे और इसी बीच हो सकता है इनमें से पूछे ऐसी Mail आती हो जिसमें आपको किसी ईमेल अटैचमेंट को ओपन करने को कहा जाए!

और जब आप बिना किसी कारण या पूर्ण जानकारी बगैर उस अटैचमेंट्स को ओपन करते हैं उसमें Malicious कोड हो सकता है जिससे आपके कंप्यूटर में वायरस आ सकता है!

तो दोस्तों जब भी अपने दोस्तों,रिश्तेदारों द्वारा  या किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए link या अटैचमेंट को डाउनलोड करें उससे पूर्व उसकी पूरी जानकारी लें! अन्यथा आपके कंप्यूटर के क्षतिग्रस्त होने के chances बढ़ जाएंगे!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Inserting Disk[/su_button]

हमेशा अपनी कंप्यूटर में जब भी आप  एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव को अटैच करते हैं! तो उससे पूर्व जांच लें कि कहीं इस drive में वायरस तो नहीं है अन्यथा इन उपकरणों में store वायरस आपके पूरे कंप्यूटर में फैल सकता है!

[su_button background=”#2d8bef” color=”#ffffff”]Unknown Link[/su_button]

दोस्तो आज इंटरनेट तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है तो ऐसी स्तिथि में कई Malicious व्यक्ति वेबसाइट क्रिएट करते हैं! तथा virus फैलाने के उद्देश्य से उन वेबसाइट में Coading की जाती है! तथा वेबसाइट बनने के बाद यह लोग whatsapp  फेसबुक तथा अन्य सोशल प्लेटफॉर्म में वेबसाइट के लिंक को शेयर करते हैं!

तथा जब जाने-अनजाने में बिना लिंक के बारे में सूचना लिए बगैर जब यूजर link पर क्लिक करता है तो उसके कंप्यूटर में वायरस आने के संभावनाएं आ जाती हैं!

इसलिए WhatsApp या किसी भी सोशल प्लेटफॉर्म पर यदि आपको कोई व्यक्ति लिंक भेजता है तो उस लिंक पर सोच समझकर ही क्लिक करें! अन्यथा आपके कंप्यूटर में भी वायरस आ सकता है और उपयोगी डाटा खतरे में पड़ सकता है!

दोस्तों इसके अलावा अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को समय के साथ अपडेट करना भी किसी कंप्यूटर user की सुरक्षा के लिए बेहतर साबित होता है! जिससे वायरस आने की संभावनाएँ काफी कम हो जाती है!

तो दोस्तों यह थे कुछ मुख्य कारण जिनको अपनाकर आप अपने कंप्यूटर को वायरस आने से काफी हद तक बचा सकते हैं!

[su_button url=”कैसे पता करें कि आपके कंप्यूटर में वायरस आ चुका है?” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कैसे पता करें कि आपके कंप्यूटर में वायरस आ चुका है?[/su_button]

आपके कंप्यूटर में वायरस आने का पहला लक्षण है की आपके कंप्यूटर में कई तरह के अनावश्यक मैसेजेस, नोटिफिकेशंस desktop पर आने लगती है! तथा advertising दिखाई देने लगती है जिसमें कहा जाता है कि “आपका pc infect हो चुका है और इसे प्रोटेक्शन की आवश्यकता है”

दोस्तों दूसरी बात यदि आपका कंप्यूटर पहले की अपेक्षा काफी Slow चलने लग गया है! तो हो सकता है आपका कंप्यूटर में ट्रोजन, वायरस आदि से प्रभावित  हो!

यह ट्रोजन, वायरस पूरे कंप्यूटर में लगातार चलते रहते हैं, जिस वजह से कंप्यूटर में किसी task को कम्पलीट करने में काफी देरी होती है!

जब आप एप्लीकेशन को कंप्यूटर पर Open करते हैं! तो कई बार apps पर क्लिक करने के बावजूद वह एप्लीकेशन स्टार्ट नहीं होती!जो कि संकेत देता है आपके “कंप्यूटर में कुछ गड़बड़ है”

इंटरनेट कनेक्शन Slow चलने लगता है! हालांकि इसमें इंटरनेट स्पीड आपके router या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर पर निर्भर करता है! परंतु इंटरनेट स्पीड सामान्य होने के बावजूद आपके सिस्टम में इंटरनेट Slow चलता है तो यह वायरस के संकेत हैं!

इसके अलावा वायरस के प्रभाव का मुख्य संकेत यह है कि जब आप अपने PC को इंटरनेट से कनेक्ट करते हैं तो  ऑटोमेटिक windows ओपन करता है,तथा ब्राउज़र उन वेब पेजेस को show करता है जिन्हें आपने search नहीं किया था!

दोस्तों इस तरह आपने जाना कुछ मुख्य कारण है जाने जिनसे आप पता कर सकते हैं कि आपके कंप्यूटर में वायरस है या नहीं!

[su_button url=”कंप्यूटर  वायरस कैसे Remove करें ?” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]कंप्यूटर  वायरस कैसे Remove करें ?[/su_button]

दोस्तो अब यहाँ सवाल आता है कि कंप्यूटर से वायरस कैसे Remove करें? दोस्तों यहां हम आपको ऐसे सॉफ्टवेयर के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप अपने कंप्यूटर में वायरस को आसानी से Remove कर सकते हैं!

दोस्तों यह एक paid एप्लीकेशन है जिसका इस्तेमाल करने के लिए आपको पैसे खर्च करने होंगे! परंतु 14 दिन के लिए free में अपने यूजर्स को वायरस रिमूव करने की सुविधा देता है!

तो दोस्तो सबसे पहले आप कंप्यूटर में Malware bytes नामक इस Application को इंस्टॉल कर लीजिए! इंस्टॉल होने के बाद इस App को ओपन कीजिए!.

और यहां आपको Scan Now का ऑप्शन दिखाई देगा! जैसा कि आप स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं! आप Scan Now के बटन पर क्लिक करने के बाद यह आपके कंप्यूटर में सभी वायरस को scan करेगा! यदि आपके कंप्यूटर में वायरस होगा तो आपको यह बता देगा!

Scan कंपलीट करने के बाद जो वायरस detect होंगे उन्हें इस ऑप्शन Quarantine Selected पर क्लिक करने के बाद आप इन वायरस को डिलीट कर सकते हैं! और इस प्रकार आपके pc से वायरस remove हो जाएगा!

[su_button url=”Conclusion:-” background=”#9c2def” color=”#ffffff” wide=”yes”]Conclusion:-[/su_button]

तो दोस्तो आज के लेख में बस इतना ही उम्मीद है आज के इस लेख को पढ़ने के बाद आपको कंप्यूटर वायरस के विषय में कुछ नई जानकारी अवश्य मिली होगी!

आपको यह लेख कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से बताना बिल्कुल मत भूलें! और इसी तरह रोजाना टेक्नोलॉजी के विषय पर नई-नई जानकारियां हिंदी भाषा में जानने के लिए आप हमारी email list को subscribe कर tagifind कम्युनिटी के साथ जुड़ सकते हैं! जहां हम आपके लिए रोजाना नई-नई जानकारियां तथा लाभदायक चीज़े आपके साथ शेयर करते हैं!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here