Ftp Kya hai – (file transfer protocol)

Ftp – आप अपने रोज़मर्रा के जीवन में internet से बहुत सी चीजें Download करते हैं , internet में upload करते हैं। e-mails में message भेजने के साथ ही साथ उसमे कई प्रकार के files attach करके भेजते हैं । आपने कभी सोचा है यह काम कैसे होता हैं। अगर आप इस बारे में जानते हैं या शायद नही तो हम आपको बता दे कि यह काम FTP के सहयोग से होता हैं ।

Ftp Kya hai - (file transfer protocol)

आपने पहले कभी शायद इस शब्द को सुना होगा और अगर आपने नही सुना हैं तो खैर कोई बात नही । आज हम इस article की मदद से आपको FTP से जुड़े बहुत से प्रश्नों जैसे FTP क्या हैं , इसका इतिहास , इसका प्रकार तथा इसके फायदे और नुकसान से जुड़ी बहुत सी जानकारी को बहुत ही सरल शब्दों में आपतक पहुचायेंगे ।

यह पोस्ट भी पढ़े : CRPF kaise Join kare ? यहां जाने CRPF बनने के लिए योग्यता व एग्जाम पैटर्न

FTP का क्या अर्थ हैं ?

FTP, internet में प्रयोग होने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण शब्द है जिसका पूरा नाम “File Transfer Protocol” है। चलिये अब जानते हैं कि,

FTP यानी File Transfer Protocol क्या हैं ?

जब हम internet में किसी भी चीज को शेयर या अपलोड करते हैं या जहा भी data एक जगह से दूसरी जगह जाता हैं यानी data एक कम्युटर या मोबाइल से दूसरे कंप्यूटर या मोबाइल में जाता हैं । तब ये काम कुछ नियमों को ध्यान में रख कर किया जाता हैं । अब आप सोच रहे होंगे कि यह नियम कौन बनाता है । यदि आप सोच रहे है तो हम आपको बता दे कि यह नियम कोई और नही बल्कि FTP बनाता हैं ।

FTP एक प्रोटोकॉल है , जो दो systems के बीच data या files का आदान प्रदान करने के लिये कुछ नियम व कानून का निर्धारण करती हैं।

Ftp Kya hai - (file transfer protocol)

FTP अत्यंत पुराना protocol हैं परंतु आज भी data या files transfer के लिये इसका उपयोग किया जाता है। बहुत ही पुराना protocol होंने के बाद भी बहुत ही कम internet user ऐसे होंगे जो FTP के बारे में जानते होंगे। यदि कोई user पहली बार कोई website बनाने जा रहा है तो उसके लिये FTP एक बहुत ही ज्यादा उपयोगी tool साबित होगा।

जब आप एक website बनाने जा रहे होते है, तब इसका मतलब यह है कि यदि आप अपने कंप्यूटर पर अपनी साइट के लिए कोई टेक्स्ट एडिटर या कुछ अन्य वेब पेज एडिटर का उपयोग कर कोई वेब पेज बनाते हैं। तो आपको सबसे पहले आपके द्वारा बनाये गए web पेज को उस सर्वर पर अपलोड करना होगा जहां आपकी साइट होस्ट कि गई हैं। आप इस web page को directly कोई भी browser को open करके अपलोड कर सकते हैं या तो आप अपने web page को अपलोड करने के लिये किसी third party अर्थात FTP का उपयोग कर सकते हैं, जो बड़े बड़े web page, articles, files आदि को server में upload करने तथा साथ ही downloaded, rename, delete व move करने में भी सहयोग प्रदान करता हैं।

FTP फाइलों के आदान-प्रदान का बहुत ही पसंदीदा तरीका है क्योंकि यह बहुत तेज़ और विश्वसनीय है। आमतौर पर यह निम्नलिखित तरीकों से उपयोगकर्ता की सहायता करता है :

  • १. उपयोगकर्ताओं को files, computer programme और data को शेयर करने में सुविधा प्रदान करता हैं।
  • २.यह files और computer programmes को store करने में authenticity और security प्रदान करता हैं।
  • ३. यह data transfer को बहुत ही reliable और efficient बनाता हैं।

FTP ( File Transfer Protocol) का इतिहास – History of FTP (File Transfer Protocol) :

FTP(File Transfer Protocol) का ओरिजन स्‍पेसिफिकेशन सर्वप्रथम अभय भूषण के द्वारा 16 अप्रैल सन 1971 को RFC 114 के रूप में publish किया गया था , उस समय वे MIT में पढ़ाई कर रहे थे । शुरुआती दौर में सन 1980 तक के समय प्रांत में FTP(File Transfer Protocol), ARPANET Network Control Programme यानी NCP पर run हुआ!

जैसे जैसे modernisation की शुरुआत हुई , internet ने भी स्वयं में अनेक परिवर्तन किए जैसे कि NCP के जगह TCP/IP यानी modern internet का प्रयोग होने लगा। जैसे जैसे internet ने अपना रूप बदला वैसे वैसे FTP में भी नये-नये update आते गए। Modernisation के दौरान एक समय वो भी आया जब computer में लगे firewall में FTP connection की वजह से अनेक परेशानियाँ आने लगी। जिससे निपटने के लिये तथा FTP को firewall friendly बनाने के लिये, FTP में passive mode जैसे अनेक प्रकार के changes किये गए।

कई प्रकार के बदलाव करने के बाद FTP को FTPS व SFTP में बदल कर इसे पहले से अधिक सुरक्षित बनाया गया।

यह पोस्ट भी पढ़े : IAS officer kaise bane ? यहां जाने IAS ऑफिसर बनने के लिए योग्यता व एग्जाम पैटर्न

FTP के नियम (Rules of FTP):

वह machine या computer जिसमे files मौजूद हैं उसे server कहते हैं तथा जिस machine या computer को उन files की आवश्यकता होती हैं, उन machine, computer को client कहते हैं।
Files को clients से server में copy करने की प्रक्रिया को uploading कहते हैं।जबकि server से client में file transfer करने की विधि downloading कहलाती हैं।

Internet में काफी प्रचलित शब्द ‘Get’ जिसका मतलब files recieve करना तथा ‘put’ जिसका मतलब sending files होता हैं।यह download व upload के जगह प्रयोग होने वाले synonymous हैं।

यह पोस्ट भी पढ़े : Ips officer kaise bane ? यहां जाने ips ऑफिसर बनने के लिए योग्यता व एग्जाम पैटर्न

चलिये अब जानते हैं कि FTP का उपयोग कैसे किया जाता हैं?

  • Web server में files को upload करने के लिये आप नीचे दिए गए FTP के तीन तरीकों का उपयोग कर सकते हैं जिसका उल्लेख नीचे हैं :
  • Command line FTP
  • Web browser
  • Graphical FTP client

Command line FTP: आपने internet का प्रयोग करते समय कभी न कभी command लाइन का उपयोग जरूर किया होगा, कोई भी operating system चाहे वह Windows हो, Linux हो या फिर Mac Os हो सभी में FTP के काम करने के लिये कुछ न कुछ command जैसे built-in command दिए होते हैं जिसका उपयोग कर FTP sites से connect हो सकता हैं।

Web Browser : आप अगर FTP का प्रयोग नही करना चाहते तो आप सीधे web browser का भी उपयोग कर सकते हैं, इसके लिये आपको address bar में hyper text transfer protocol यानी http:// की जगह file transfer protocol यानी ftp:// लिखना होगा और साथ ही साथ username और password में को Url में type करना होगा।

Graphics FTP client : आप FTP के इस तरीके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । Graphical FTP client एक प्रकार का application हैं, जिसका interface बहुत ही user friendly होता हैं तथा उसे करने में भी आसान होता हैं। यदि आप अपने PC में windows का use कर रहे हैं तो आप इंटरनेट से fileZilla नामक application को free में download कर सकते हैं।

अब आपके मन में यह प्रश्न आ रहा होगा कि आखिर FTP काम कैसे करता हैं । तो चलिए आपके मन में उठे प्रसन्नो का जवाब देते हैं।

यह पोस्ट भी पढ़े : WordPress में Blog kaise Banaye पूरी जान करि हिंदी में

FTP काम कैसे करता हैं ?

FTP का इस्तेमाल करने के लिये user के system में FTP client install करने के लिये तथा साथ ही server से connection भी स्थापित करने के लिये आपके पास username और password होनी चाहिये ।

File को एक computer से दूसरे computer में transfer करने के लिये FTP दो प्रकार के connection का प्रयोग करती हैं , जिनका नाम नीचे दिया गया हैं :

  • १. Control Connection
  • २. Data Connection

Control Connection : इस connection का उपयोग connection को open तथा close करने के लिये किया जाता हैं। और साथ ही इसका उपयोग server को command भेजने के लिये भी किया जाता हैं।

Data Connection : दो computer के बीच connection स्थापित होने के बाद data connection के मदद से files का transfer client से server को किया जाता हैं।

यह पोस्ट भी पढ़े : Free Blog kaise banaye पूरी जान करि हिंदी में

Modes of FTP :

FTP अपने Functions को दो modes पर perform करता हैं :

  • Active Mode
  • Passive Mode

1. Active Mode :

FTP के active mode में client किसी भी port number (greater than 1023) का उपयोग करता हैं जो server के port 20 पर connect हो जाता है अर्थात control connection को open करता हैं।

Control connection के open हो जाने के बाद client अपने port number को server को बताता हैं जिसपर data connection को open करना है

जब server को client का port number मिलता हैं तब वह अपने port 20 से client के port नंबर पर data connection को open कर देता हैं।

2.Passive Mode :

FTP के Passive mode में client किसी भी port number (greater than 1023) का उपयोग करता हैं जो server के port 20 पर connect हो जाता है अर्थात command connection को open करता हैं।

Command connection के open हो जाने के बाद client उस command connection के मदद से server को passive command भेजता हैं। FTP का server उसी command connection के मदद से अपना port number FTP के client को बताता हैं।

FTP , client के जगह client के port number और server द्वारा जो port number बताया गया हैं उनके बीच data connection को open करता हैं।

Active mode और Passive mode के अलावा भी एफटीपी अपने file transfer करने के functions कुछ अन्य modes के द्वारा भी perform करता हैं। इन अन्य modes का उल्लेख नीचे किया गया है :

  • Stream mode
  • Block mode
  • Compressed mode

Stream Mode : वह mode है जिसमें यह files को एक Continuous stream के रूप में स्थानांतरित करता है, जिसमें विभिन्न स्वरूपों में हस्तक्षेप या प्रसंस्करण जानकारी नहीं होती है।
Block Mode : इस mode में, स्थानांतरित किए जाने वाले data को blocks में विभाजित किया जाता है।
Compressed Mode : इस mode में, एफटीपी files को encoding करके compressed करता है। चलिये अब आप को FTP के फायदे से वाकिफ कराते हैं।

यह पोस्ट भी पढ़े . NPS क्या है ? जानिए NPS Account कैसे खोले पूरी जान करि !

FTP के फायदे (Advantage of FTP) :

एफटीपी client के मदद से आप केवल files का ही transfer ही नहीं बल्कि साथ ही साथ multiple directiories को एक साथ transfer कर सकते है।
यह files को केवल transfer ही नहीं बल्कि files का transfer बहुत ही तेजी से करता है। यह FTP का एक बहुत ही महत्वपूर्ण advantages हैं।

कभी कभी ऐसा भी होता है कि हम file transfer कर रहे होते है और अचानक से connection loss हो जाता है तो डरने की जरूरत नहीं है connection loss होने के बाद भी हम इसे recover कर सकते हैं । हम FTP के जरिए data transfer करते समय transfer को pause कर सकते है तथा बाद में transfer को continue कर सकते हैं।

यह जरूरी नही की हम Files का transfer manually करे, FTP के सहयोग से आप files और directories के transfer को shedule भी कर सकते हैं यानी आप transfer का जो समय निश्चित करँगे। उसी समय में files automatically transfer हो जाएगा। एफटीपी आपको files का auto backup की भी शुविधा प्रदान करता हैं।

खेर यह तो सारे FTP के फायदे हैं पर इन फ़ायदों के अलावा FTP के कुछ नुकसान भी हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि इतना पुराना protocol जिसका इस्तेमाल आज भी हो रहा है , इसके क्या नुकसान हो सकता हैं। तो चलिये हम आपको बताते हैं कि, FTP के क्या-क्या नुकसान हैं?

FTP का नुकसान (Disadvantages of FTP):

• Data transfer करने में encryption का एक महत्वपूर्ण योगदान होता हैं , कुछ एफटीपी ऐसे भी होते हैं जो हमे encryption करने की सुविधा नहीं देते और जैसा कि आप जानते हैं कि बिना encryption के files को transfer करना safe नहीं हैं ।

•FTP के जरिये files transfer करने में आपको password डालना पड़ता हैं और अगर आप कोई कमज़ोर password डालते हैं, तो interenet में पहले से उपस्थित hacker आपके कमजोर password को brute force attack के जरिये कई प्रकार के combination डाल कर आप के password को hack कर सकते हैं।

• इस article को खत्म करने से पहले हम आपको FTP से जुड़े कुछ खास शब्दों की भी जानकारी देंगे। ये शब्द हैं “FTPS” तथा “SFTP” हैं । जिसके बारे में हम नीचे बात करँगे।

FTPS क्या हैं ?

FTPS जिसका पूरा नाम File Transfer Protocol secured हैं, यह एफटीपी का modern technique हैं जो एफटीपी में encryption की भी facility provide करती हैं। इसे data को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया ताकि कोई भी hacker आसनी से data को hack करके read ना कर सके। आजकल ज्यादातर लोग FTPS का ही उपयोग कर रहे हैं।

SFTP क्या हैं ?

SFTP जिसका पूरा नाम “SSH file transfer protocol ” हैं, एक तरह का binary protocol है। जो commands को binary form में convert करके server में भेजते हैं , इसके मदद से file transfer और भी आसान तथा secured और fast हो जाता है।

यह पोस्ट भी पढ़े : Doctor kaise bane ? यहां जाने Doctor बनने के लिए योग्यता व एग्जाम

Conclusion

तो साथियों आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही FTP क्या है? कैसे काम करता है? इसके क्या फायदे हैं! आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी। आपका इस लेख के संबंध में कोई सवाल है तो आप कमेंट में बता सकते हैं साथ ही जानकारी को सोशल मीडिया जैसे whatsapp एवं facebook पर भी जरूर शेयर करें। thanks for visiting in this blog https://tagifind.com/

COMPUTER TIPS

Leave a Reply