Firewall kya hota hai !

Firewall – आपके कंप्यूटर की सिक्योरिटी का एक अहम हिस्सा जिसे हम Firewall के नाम से जानते हैं! यह Firewall होता क्या है? और कैसे काम करता है? आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे।

Internet Surfing के दौरान डिवाइस में हम जिन software, फाइल्स को अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करते हैं! Firewall इस डाटा को Scan कर डिवाइस में store करता है तथा जो भी Malware, Virus फाइल कंप्यूटर में प्रवेश की कोशिश में रहता है उसे रोकता है।

इसलिए यदि आप अपने कंप्यूटर को secure करने के बारे में एवं उसे Protact करने को लेकर काफी सीरियस हैं! तो आपके लिए कंप्यूटर के अंतर्गत Firewall की उपयोगिता को समझना बेहद आवश्यक हो जाता है।

इसलिए आज की पोस्ट में हम विस्तार पूर्वक Firewall के बारे में जानेंगे! ताकि आप Firewall से खुद के डाटा को तथा अपने कंप्यूटर डिवाइस को secure कर सकें।

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Firewall क्या है ?

Firewall kya hota hai

Firewall एक नेटवर्क सिक्योरिटी डिवाइस होता है इसे हम एक प्रोग्राम या फिर hardware device कह सकते हैं! जो आपके कंप्यूटर को अटैकर्स से सुरक्षित रख कंप्यूटर में प्रवेश करने वाले सभी unsecure तत्व जैसे कि वायरस, मालवेयर या फिर किसी प्राइवेट नेटवर्क को एक्सेस करने से रोकता है। इसलिए इसे हम एक Cyber security tool भी कह सकते हैं।

लेकिन सामान्यतः Firewall security उस कंप्यूटर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती हैं! जो इंटरनेट से कनेक्टेड होता है, क्योंकि आज इंटरनेट पर अच्छे कॉन्टेंट के साथ साथ बुरा कॉन्टेंट भी मौजूद है। जरा सी लापरवाही से हमारे कंप्यूटर में वायरस, Malware जैसा Content आ सकता है और इससे पूरा कंप्यूटर इनफेक्टेड हो सकता है।

Firewall किसी कंप्यूटर को बतौर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम या फिर एक हार्डवेयर डिवाइस के रूप में सिक्योरिटी प्रदान करता है! नेटवर्क पर आने वाले incoming तथा आउटगोइंग traffic दोनों को यह मॉनिटर कर filter करता है! यह आपके कंप्यूटर और नेटवर्क के बीच एक दीवार का कार्य करता है!

हम सभी जानते हैं जब हम इंटरनेट surfing करते हैं तो कई सारी unsecure files एवं सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में प्रवेश कर सकते हैं।

ऐसे में Firewall सभी unwanted files को एक दीवार बनकर आपके कंप्यूटर में आने से रोकता है! और केवल वही सॉफ्टवेयर या डाटा आपके कंप्यूटर में प्रवेश करता है जिसे आप परमिशन देते हैं।

अतः संक्षेप में हम Firewall को समझें तो एक फायरवेल का उद्देश्य आपके कंप्यूटर में network और बाहरी स्रोतों (external sources) से आने वाले ट्रैफिक के बीच में एक बैरियर का काम करना होता है! ताकि अनचाहे Malicious फाइल्स एवं वायरस को कंप्यूटर में आने से रोका जा सके।

इसके अलावा आपको यहां समझना जरूरी है कि यह न सिर्फ इंडिविजुअल कंप्यूटर को protact करता है! बल्कि यह किसी नेटवर्क से जुड़े सभी कंप्यूटर्स को भी protact करने काम करता है! मान लीजिए आपके कंप्यूटर में वायरस आ जाता है तो ऐसी स्थिति में वह वायरस किसी अन्य कंप्यूटर में ना फैले इसकी गारंटी भी Firewall लेता है।

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Firewall kitne prakar ke hote Hain?

Firewall kya hota hai

Firewall मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं!

  • Hardware Firewall
  • Software Firewall

Hardware Firewall

इंटरनेट सिक्योरिटी को लेकर इस समय पूरी दुनिया जागरुक है! इसलिए मार्केट में अब कुछ ऐसे हार्डवेयर डिवाइस आ चुके हैं जो Firewall security दे रहे हैं। इन्हें सेटअप करने के लिए थोड़ी सी टेक्निकल नॉलेज की आवश्यकता होती है, तथा एक बार configuration करने के बाद यह लंबे समय तक अपनी सिक्योरिटी प्रदान करते हैं। for example जब आप मार्केट से किसी एक राउटर डिवाइस को खरीदते हैं तो उसमें Firewall पहले से ही मौजूद होता है।

और Firewall enable होने की स्थिति में उस राउटर से जितने भी डिवाइस कनेक्ट होते हैं! उन सभी को सिक्योर करना उस राउटर की जिम्मेदारी हो जाती है! for example किसी राउटर में firewall security inbuilt है और उसमें 10 devices कनेक्टेड तो उन डिवाइस को भी वह राउटर सिक्योरिटी प्रदान करता है!

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Software Firewall

आजकल सभी Latest windws ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे कि windows 7, 8, 10 में inbulit Firewall देखने को मिलता है! और यह Firewall ऑटोमेटिक on रहता है, तथा इसे आपको इनेबल करने के लिए Mannually जरूरत नहीं पड़ती।

हालांकि आप चाहे तो Firewall setting को customize कर सकते हैं! और फेयरवेल को कभी block भी कर सकते हैं! परंतु ऐसा करने कि आमतौर पर जरूरत नहीं पड़ती। क्योंकि Firewall एक प्रोटेक्टर के तौर पर कंप्यूटर में कार्य करता है तो उसे रोकने का सवाल ही नहीं होता।

इसके अलावा दोस्तों Firewall सॉफ्टवेयर प्रोटेक्शन कई सारी एंटीवायरस कंपनियां देती हैं! और इनका भी कार्य same होता है! इसलिए आपने अक्सर सुना भी होगा कि अपने कंप्यूटर में एक Best antivirus इंस्टॉल करके रखें! क्योंकि वह आपके डिवाइस को कई प्रकार से secure रखने की साथ ही फायरवेल प्रोटेक्शन भी दे देता है।

Firewall कैसे काम करता है ?

दोस्तों एक फायरवेल में कुछ Set of rules होते हैं, और इन Rules के आधार पर Firewall काम करता है! नेटवर्क से आने वाले सभी ट्रैफिक को Firewall ध्यानपूर्वक Analyze करता है।

दोस्तों आपके कंप्यूटर पर आने वाले इनकमिंग ट्रैफिक को रोकने लिए फायरवेल कुछ mechanism का इस्तेमाल करता है! लेकिन कौन-कौन से यह मकैनिज्म है, जिनकी help से एक फायरवेल अपनी सुरक्षा देता है चलिए विस्तार से समझते हैं।

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Packet Filtering

इसमें सबसे पहला मैकेनिज्म Packet Filtering है! एक पैकेट फिल्टर नेटवर्क से आने वाले सभी ट्रैफिक को Accept करता है, तथा आपके द्वारा Set किए rules के खिलाफ इसका मूल्यांकन करता है।

सामान्यतया एक पैकेट फिल्टर source के आईपी ऐड्रेस, Destination आईपी ऐड्रेस तथा source पोर्ट का आकलन कर सकता है! यह सभी वे क्राइटेरिया होते हैं जिससे किसी आईपी ऐड्रेस में certain पोर्ट्स से आने वाले ट्रैफिक को रोकने या Allow करने के लिए फिल्टर किया जा सकता है।

Circuit level gateway

किसी डिवाइस में मौजूद फायरवेल में सर्किट लेवल गेटवे का कार्य स्वयं किसी Host पर आने वाले सभी इनकमिंग ट्रैफिक को ब्लॉक करना होता है! यह इंटरनली एवं एक्सटर्नल दोनों तरीकों से कार्य करता है।

इसमें इंटरनली क्लाइंट मशीन किसी सॉफ्टवेयर को Run करती हैं ताकि वह किसी सर्किट लेवल गेटवे के साथ कनेक्शन स्थापित कर सकें! जबकि externally देखा जाए तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे आपका इंटरनल नेटवर्क सर्किट लेवल गेटवे से निकल रहा है।

Proxy Server

सामान्यतया प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमालजी नेटवर्क की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए तथा उसकी स्पीड बढ़ाने हेतु किया जाता है! लेकिन यहां बता दें प्रोक्सी सर्वर एक सूक्ष्म फायरवेल का भी काम कर सकता है। जी हां प्रोक्सी सर्वर की किसी Firewall में एक विशेष भूमिका होती है। प्रोक्सी सर्वर आपके डिवाइस के internal ऐड्रेस को Hide करता है ताकि ऐसा प्रतीत हो सके नेटवर्क पर की जाने वाली communication किसी प्रोक्सी सर्वर के माध्यम से की गई है।

हालांकि एक यूजर इन प्रोक्सी सर्वर को configure कर सकता है! ताकि किसी साइट& वेबसाइट को ब्लॉक किया जा सके!

Application gateway

एक एप्लीकेशन गेटवे प्रोक्सी सर्वर का ही एक अन्य प्रकार है! Firewall में एप्लीकेशन गेटवे के साथ इंटरनल क्लाइंट कनेक्शन स्थापित करता है। उसके बाद एक एप्लीकेशन गेटवे determine करता है कि connection secure है या नहीं! यह जांचने के बाद ही डेस्टिनेशन कंप्यूटर के साथ कनेक्शन स्थापित किया जाता है।

यह पूरी कम्युनिकेशन दो कनेक्शंस के माध्यम से की जाती है! पहला क्लाइंट से एप्लीकेशन गेटवे तथा दूसरा एप्लीकेशन गेटवे से डेस्टिनेशन तक जिसमें से एप्लीकेशन गेटवे का कार्य नेटवर्क पर आने वाले ट्रैफिक को मॉनिटर करना होता है तथा यह डिसाइड करता है कि इसे फॉरवर्ड करना है या नहीं।

तो दोस्तो आप जान चुके हैं उन चारों मैकेनिज्म के बारे में जो एक Firewall में कार्य करते है! अब हम जानेंगे कंप्यूटर में एक Firewall होने के क्या क्या लाभ होते हैं।

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कंप्यूटर में Firewall के फायदे!

Firewall kya hota hai

Trojan Block करता है।

यदि आपका कंप्यूटर किसी कारणवश ट्रोजन से प्रभावित हो जाता है! तो इसमें कुछ ऐसी इनफेक्टेड कंप्यूटर फाइल आ जाती है जिन्हें यदि आप अपने कंप्यूटर से किसी को शेयर करते हैं तो यह दूसरे कंप्यूटर में पहुंचकर उसे भी इनफेक्टेड कर देते हैं! इसलिए ट्रोजन हॉर्स काफी खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि यह अपना कार्य गुप्त रूप से करते हैं! और कैसे किसी कंप्यूटर में आ जाए इसकी भनक तक नहीं लगने देते, लेकिन यदि आपके कंप्यूटर में firewall की सिक्योरिटी मौजूद है तो यह Trojan को कंप्यूटर में आने से ब्लॉक कर देता है।

Monitor traffic

Firewall का मुख्य कार्य किसी कंप्यूटर मे नेटवर्क से प्रवेश करने वाले ट्रैफिक को मॉनिटर करना है! यह इनकमिंग आउटगोइंग दोनों Traffic को मॉनिटर करता है! अतः हम कह सकते हैं कि आपके कंप्यूटर को नुकसान न पहुंचाने के साथ-साथ firewall आपके कंप्यूटर से कोई दूसरा कंप्यूटर डैमेज ना हो इसकी भी सिक्योरिटी लेता है।

Hackers

Hackers – जी हां Firewall आपके कंप्यूटर को attackers से सुरक्षित रखने का कार्य करता है! यदि आपके कंप्यूटर में फायरवेल मौजूद न हो तो काफी हद तक हैकर्स के लिए आपके कंप्यूटर को कंट्रोल करना, उसे हैक करना आसान हो जाएगा। क्योंकि फेयरवेल ना होने की स्थिति में आपके ओपन कनेक्शन का कोई भी फायदा नहीं सकता है! लेकिन यदि फायरवॉल सिस्टम में मौजूद है तो यह आपके device को इस तरह के दुष्प्रभावों से बचाता है।

keyloggers

आपने इंटरनेट पर जरूर Spyware सॉफ्टवेयर के बारे में सुना होगा। यदि नहीं सुना है तो इस तरह के नुकसानदायक सॉफ्टवेयर से भी फायरवेल आपको प्रोटेक्ट करता है! बता दें कि Keylogger एक प्रकार का स्पाई सॉफ्टवेयर होता है! यह सॉफ्टवेयर चुपके से आपकी एक्टिविटी पर नजर रखते हैं! और आप अपने कंप्यूटर पर क्या टाइप कर रहे हैं? क्या सर्च कर रहे हैं? इसकी जानकारी Spy Software से पता चल जाती है।

Conclusion

अतः फायरवॉल सिक्योरिटी आपके कंप्यूटर को Keylogger से भी बचाती है। – तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही मुझे आशा है Firewall cyber सिक्योरिटी से जुड़ी कई उपयोगी जानकारियां आपको इस लेख में मिल चुकी होंगी। कोई भी सवाल हो firewall से जुड़ा तो आप हमें कमेंट में बता सकते हैं!! और साथ ही जानकारी पसंद अाई है तो सोशल मीडिया जैसे फेसबुक एवं Whatsapp पर अपने दोस्तों के साथ आर्टिकल जरूर शेयर करें। thanks for visiting in this blog https://tagifind.com/

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