Deep web, dark web kya hai? Full explained

Deep web, dark web – डार्क वेब को इंटरनेट की दूसरी दुनिया ” other side of internet” के नाम से भी जाना जाता है! Deep वेब क्या है या dark web क्या है? यह सवाल इंटरनेट पर आज भी काफी कम यूजर्स द्वारा पूछा जाता है! क्योंकि डार्क वेब के बारे में आज भी करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्होंने अब तक सुना भी नहीं है। लेकिन इंटरनेट के इस रहस्य के बारे में आज हम विस्तार से जानेंगे। Deep web, dark web kya hai

दोस्तों इंटरनेट पर जितनी भी illegal Activites होती हैं! उनका कहीं ना कहीं डार्क वेब से संबंध होता है! क्या आप जानते हैं आज कई ऐसी Dark web साइट्स भी चल रही है, जिनके जरिए अवैध कारोबार होता है!

Deep web, dark web kya hai

अब ऐसे में कौन-कौन सी यह एक्टिविटीज होती हैं! और क्या डीप वेब और डार्क वेब एक ही हैं! या फिर अलग-अलग। इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा लेकिन डार्क वेब को समझने से पहले सबसे पहले deep web को समझते हैं!

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Deep web क्या है ?

डीप वेब को हम invisible Web या Hidden web के नाम से भी जानते हैं! यह इंटरनेट का वह भाग होता है जिसके content को नॉर्मल सर्च इंजन जैसे कि गूगल, बिंग इत्यादि (surface web) इंडेक्स ही नहीं कर पाते। Deep web, dark web

हम इसे सामान्य शब्दों में इंटरनेट का वह हिस्सा भी कह सकते हैं! जिसमें बड़ी-बड़ी कंपनियों के secret files यूजर्स की personal information एवं important Document जिसे सामान्य रूप से access नहीं किया जा सकता वे store होती है।

डीप वेब के अंतर्गत वे सभी पेजेस शामिल होते हैं! जिन्हें सर्च इंजन का bot कभी Crawl नहीं के पाता! अतः वे web pages जिन्हें crawl करने में सर्च इंजन कामयाब नहीं हो पाते! उनके लिए यह pages invisible रहते हैं।

इसका मतलब है कि Deep वेब के अंतर्गत जितने भी वेब पेजेस होते हैं! उन्हें access करने के लिए आपको या तो उस page का Exact url या पता होना चाहिए या फिर आपको उसके ip-address की जानकारी होनी चाहिए। जिस पेज पर आप visit करना चाहते हैं तभी आप इंटरनेट के इस हिस्से अर्थात deep web में पहुंच पाते हैं।

साथ ही आप किसी standard वेब ब्राउज़र जैसे गूगल क्रोम, opera इत्यादि से डीप वेब को एक्सेस नहीं कर सकते। इसके लिए आपको किसी encryption software जैसे कि TOR ब्राउज़र की जरूरत होती है।।

बता दें दुनिया का 6% से भी अधिक ऑनलाइन Content Deep web में store है। इसलिए डीप वेब के अंदर जो भी Content होता है! उसके बारे में कभी गूगल या कोई सर्च इंजन जान ही नहीं पाता। अतः डीप वेब और dark web बीच जो मुख्य अंतर सिक्योरिटी का होता है!

Surface web जैसे गूगल,Bing इत्यादि में इंडेक्स किया गया Content कोई भी यूजर आसानी से एक्सेस कर सकता है! लेकिन डीप वेब में यूजर की personal इनफॉरमेशन स्टोर होती है! इसलिए इसमें मौजूद कॉन्टेंट आसानी से एक्सेस ना हो इसके लिए इसे अति सुरक्षित (password protected) बनाया गया है।

डीप वेब के अंतर्गत हम जितनी भी इंफॉर्मेशन एक्सेस करते हैं! उसके लिए ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ती है जैसे कि Email अकाउंट या ऑनलाइन नेट बैंकिंग Access करने के लिए।

लेकिन वहीं दूसरी तरफ सोचिए यदि आपके इन valuable personal अकाउंट्स को केवल आपके नाम के जरिए ही कोई यूजर डायरेक्ट गूगल से ओपन कर लेता? तो आपकी सारी पर्सनल इंफॉर्मेशन पूरी दुनिया के पास चली जाती

लेकिन deep वेब आपकी यह जानकारी पासवर्ड प्रोटेक्टेड बनाए रखने का काम करता है! इसलिए जब भी आप Normally इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते हैं उसका Answer आपको बिना पासवर्ड प्राप्त के ही मिल जाता है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने या किसी portal में login करने के लिए आपको पासवर्ड डालने की जरूरत पड़ती है।

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि Deep web हमारी पर्सनल इंफॉर्मेशन एवं प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करने का काम करता है! बशर्ते डीप वेब का इस्तेमाल Illegal कार्यों के लिए भी होता है!

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क्या Deep web illegal है ?

अक्सर पाठकों के मन में यह सवाल आता है! लेकिन बता दें deep web को Access करना बिल्कुल भी illegal नहीं है! क्योंकि कोई भी कंपनी deep web वेब में अपनी पर्सनल information Store कर सकती है! और उस information को Access करने का सिर्फ अधिकार उस कंपनी को ही है!

अतः एक कंपनी Authentication की वजह से deep web को access कर सकती है, और इसमें कुछ भी गलत नहीं है! और कहीं भी ऐसा नियम नहीं है जहां पर deep web को Access करना illegal है, आप किसी भी High privacy ब्राउज़र जैसे की TOR ब्राउज़र से इन unindex pages पर पहुंच सकते हैं, उसमें कुछ भी illegal नहीं है। आपके Blog का 10 साल पुराना डाटा भी deep web के पास हो सकता है, जिसे कभी गूगल या कोई अन्य सर्च इंजन इंडेक्स करने में कामयाब ना हुआ हो! अतः इस तरह का कोई भी डाटा जिस यूजर को देखने की इजाजत है वह बिल्कुल देख सकता है।

अतः deep web या डार्क वेब इन networks पर जाना बुरा नहीं है! बल्कि इन नेटवर्क के ऊपर होने वाली illegal एक्टिविटीज में शामिल होना खतरनाक है।

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Dark web क्या है ?

dark डार्क deep web का ही एक हिस्सा है! जिसे normally इंटरनेट पर सर्च नहीं कर सकते, जी हां जिसका मतलब है कि गूगल या किसी भी सर्च इंजन पर डार्क वेब को आप सर्च नहीं कर सकते! क्योंकि किसी भी सर्च इंजन में डार्क वेब को index ही नहीं किया जाता।

और यही वजह है कि हममें से कई लोग इसके बारे में कभी सुन भी नहीं पाते! यदि आपको डार्क वेब मैं मौजूद किसी वेबसाइट तक पहुंचना है तो आपको direct उसके यूआरएल पर क्लिक करना होगा।

लेकिन याद रखें डीप वेब और डार्क वेब दोनों का कार्य अलग होता है! इंटरनेट के इन दोनों हिस्सों में सबसे गंदा हिस्सा डार्क वेब को माना जाता है! क्योंकि जितनी भी इल्लीगल एक्टिविटीज होती हैं वह सभी डार्क वेब के अंतर्गत होती हैं।

पूरी दुनिया में Illegal एक्टिविटीज एवं services के लिए इंटरनेट के इस स्पेशल हिस्से अर्थात डार्क वेब का इस्तेमाल होता है!अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा आखिर ऐसी कौन कौन सी एक्टिविटीज डार्क वेब के अंदर होती हैं! तो चलिए उनके बारे में भी जान लेते हैं

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डार्क वेब में होने वाली illegal Activites

•डार्क वेब में Durgs selling का काम बड़े जोरों शोरों से किया जाता है! इंटरनेट के इस हिस्से में बड़ी मात्रा में ड्रग्स दुनिया भर में सप्लाई होता है, इसलिए dark web को drugs सेलिंग का एक बड़ा मार्केटप्लेस माना जाता है।

• अवैध रूप से हथियारों की बिक्री के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल होता है! डार्क वेब पर वे सभी हथियार खरीदें बेचें जाते हैं जिन्हें सामान्यतः बेचने की इजाजत नहीं होती।

• illegal पॉर्नोग्राफी जैसे चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कॉन्टेंट यहां पर distribute किया जाता है, इसलिए भी इसे illegal माना जाता है।

• रेसिपी ह्यूमन मीट कैसे पकाते हैं? जैसे टॉपिक्स एवं उनकी वीडियो फुटेज आपको यहां पर देखने को मिल जाती हैं! जिसके बारे में सामान्यतः आप surface वेब में कभी देख ही नहीं सकते वे रेसिपीज यहां पर देखने को मिलती है।

•क्राइम की घटनाएं उनके वीडियो फुटेज हाउ टू क्राइम इत्यादि कॉन्टेंट आपको डार्क वेब के अंदर देखने को मिल जाता है।

• डार्क वेब में कई सारी ऐसी वेबसाइट& वीडियोस हैं! जो गाली गलौज अर्थात Abusive Content से भरे पड़े हैं! इनमें छोटे-छोटे बच्चों जानवरों एवं कैदियों का दृश्य दिखाया जाता है।

•बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी स्टार की अश्लील फोटोस को यहां पर पब्लिश किया जाता है! हालंकि photos fake भी हो सकती हैं।

•टॉर्चर करने एवं मर्डर करने जैसी खतरनाक वीडियोस का संग्रह आपको Dark web पर देखने को मिलता है।

तो दोस्तों इन पॉइंट्स को पढ़ने के बाद आप भली-भांति समझ चुके होंगे कि आखिर डार्क वेब को इंटरनेट का काला हिस्सा क्यों कहा जाता है! क्योंकि इसमें वे सभी Illegal एक्टिविटी जिन्हें हम नॉर्मल इंटरनेट पर surf नहीं कर सकते! वे सभी हमें डार्क वेब पर देखने को मिल जाती हैं।

डार्क वेब पर अवेलेबल यह content बड़ी मात्रा में sell किया जाता है! और इंटरेस्टिंग बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग dark web पर मौजूद इन content को खरीदते हैं! कई सारी ऐसी books यहां पर मिल जाती है, जो illegal एक्टिविटीज को बढ़ावा देती हैं वे खुलेआम डार्क वेब पर बेची जाती हैं।

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Dark web को कैसे एक्सेस करें ?

दोस्तो आपके लिए डार्क वेब को एक्सेस करना आसान नहीं है! क्योंकि इसके लिए आपको एक अलग ब्राउज़र जैसे कि onion वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल करना पड़ता है! तथा डार्क वेब में मौजूद उन वेबसाइट्स या Url का एड्रेस आपके पास होना चाहिए।

तभी आप वहां पहुंच सकते हैं! डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए सबसे अधिक onion ब्राउज़र का इस्तेमाल होता है माना जाता है कि onion ब्राउज़र का नाम onion इसलिए पड़ा क्योंकि जिस तरह प्याज में कई सारी लेयर होती हैं! उसी तरह इंफॉर्मेशन को सिक्योर बनाने के लिए कई सिक्योरिटी layer ओनियन ब्राउज़र्स में मौजूद होती है।

अब दोस्तों क्योंकि हम Deep वेब और Dark वेब दोनों चीजों के बारे में विस्तार पूर्वक समझ चुके हैं! लेकिन अक्सर लोगों के बीच धारणा होती है कि वे Deep Web और Dark Web को एक ही समझ लेते हैं परंतु क्या यह एक ही है आइए जानते हैं

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Deep Web और डार्क वेब में फर्क क्या है?

तो दोस्तों अब तक के अध्ययन से हमें पता चला कि डार्क वेब डीप वेब से अधिक डीप है! लेकिन बात करें Deep web की तो डीप वेब को हम उन pages के संदर्भ में देखते हैं जिन्हें सामान्यतः सर्च इंजन कभी index ही नहीं कर पाते।

तो दूसरी तरफ Dark web जिसे भी सर्च इंजन index नहीं कर पाते! लेकिन डार्क वेब में सारी illegal गतिविधियां की जाती हैं, लेकिन यहां पर समझने वाली बात यह है कि Deep web में जितने भी पेजेस होते हैं! उन्हें index नहीं करने के लिए ही बनाया गया होता है क्योंकि इनमें सभी यूजर्स, ऑर्गनाइजेशन की कई महत्वपूर्ण information Store होती हैं जिन्हें Publically Leak नहीं किया जा सकता।

लेकिन डार्क वेब में available pages को जानबूझकर सर्च इंजन से Hide किया जाता है! क्योंकि यहां पर ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है जिसे सामान्यतया सोचना भी मुश्किल होता है।

दोस्तों इससे स्पष्ट पता चलता है की डार्क वेब डीप वेब की तुलना में काफी Deeper है, क्योंकि रोजाना इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स आज भी इंटरनेट के इस दूसरे हिस्से के बारे में जान ही नहीं पाए हैं।

अतः यहां पर निष्कर्ष निकलता है कि Deep web का इस्तेमाल हम leegal एवं illegal इंफॉर्मेशन दोनों को स्टोर करने के लिए कर सकते हैं! अतः यह अच्छा एवं बुरा दोनों हो सकता है लेकिन Dark web केवल बुरे कार्यों के लिए है।

अतः इससे पूर्व कि आप डार्क वेब एक्सेस करें! आपके लिए यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि क्या आपके लिए आपके लिए यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि क्या

Dark web को access करना लीगल है?

बिल्कुल यह illegal है, हालांकि ऐसा नहीं है कि डार्क वेब को यूजर access नहीं कर सकते! आज बड़ी मात्रा में जिन यूजर्स को टेक्निकल नॉलेज हैं और illegal कार्यों को अंजाम देना चाहते हैं वे डार्क वेब का इस्तेमाल करते हैं!

लेकिन सामान्यतः हम जैसे यूजर्स के लिए डार्क वेब को बिना मतलब के एक्सेस करना खतरे से खाली हो सकता है! क्योंकि जैसा कि अभी हमने जाना डार्क वेब अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाला काला बाजार है।

जिसमें यदि कोई यूजर पहुंच जाता है और इसकी जानकारी साइबर सिक्योरिटी टीम को मिल जाती है! तो illegal एक्टिविटी ना करने के बावजूद भी डार्क वेब को एक्सेस करने के जुर्म में पकड़ा जा सकता है।

अतः डार्क वेब को access करना बिल्कुल leegal नहीं होता है! इसलिए बड़े ही खुफिया तरीके से इसमें एक्टिविटीज होती है।

लेकिन यदि आप फिर भी डार्क वेब एक्सेस करना चाहते हैं! तथा इंटरनेट के इस डार्कसाइड को चेक करना चाहते हैं तो एक अच्छे secure वेब ब्राउज़र का जरूर इस्तेमाल करें! जैसे कि आप Encrypted privacy ब्राउजर TOR का इस्तेमाल कर सकते हैं! तथा ब्राउजिंग के दौरान अपना कोई भी personal डाटा वहां पर शेयर ना करें! एवं कोई भी डार्क वेब का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल ना करें तथा कोई भी चीज purchase ना करें।

  • इन तक केवल सर्च इंजन के सर्च परिणामों की सहायता से नहीं पहुँचा जा सकता।
  • डीप वेब के किसी डॉक्यूमेंट तक पहुँचने के लिये उसके URL एड्रेस पर जाकर लॉग-इन करना होगा, जिसके लिये पासवर्ड और यूज़र नेम का प्रयोग करना होगा।
  • जैसे-जीमेल अकाउंट, ब्लॉगिंग वेबसाइट, सरकारी प्रकाशन, अकादमिक डेटाबेस, वैज्ञानिक अनुसंधान आदि ऐसी ही वेबसाइट्स होती हैं जो अपने प्रकृति में वैधानिक हैं किंतु इन तक पहुँच के लिये एडमिन की अनुमति की आवश्यकता होती है।

Dark web से कैसे बचें ?

पहली बात डार्क वेब से दूर रहने के लिए आप कभी डार्क वेब पर जाएं ही नहीं। आप इससे बच जाएंगे। दूसरा यह कि आप अपना data secure रखें ताकि डार्क वेब से इसे कोई हानि न पहुंचे।

क्योंकि ब्राउजिंग करने के दौरान कई सारे darkweb में popup चाहते हैं, उन्हें बिना पढ़े ही इस पर क्लिक कर देना आपके लिए Risky हो सकता है! साथ ही अपने Important अकाउंट के लिए एक कठिन पासवर्ड सेट करके रखें! ताकि इन पासवर्ड्स को आसानी से Crack ना किया जा सके।

अन्यथा आज नहीं तो कुछ समय बाद आपका डाटा डार्क वेब पर पहुंच सकता है! और उस डाटा को Sell किया जा सकता है तथा Two Factor Authentication का इस्तेमाल एवम् एक अच्छे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर से आप अपने डाटा को जरूर प्रोटेक्ट कर सकते हैं।

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What is shadow web in hindi

हो सकता है डीप वेब और डार्क वेब के अलावा आपको इंटरनेट पर कभी Shadow web की बारे में भी सुनने को मिला हो, क्योंकि यह इंटरनेट की एक ऐसी लेयर है जो डीप वेब से भी ज्यादा गहरी है! क्योंकि इसका इस्तेमाल न सिर्फ Dark web की तरह बुरे कार्यों के लिए किया जाता है बल्कि आमतौर पर इसे क्रिमिनल एक्टिविटी hub कहा जाता है।

हालांकि शैडोवेव के बारे में आज भी रिसर्च चलती है, और साइबर सिक्योरिटी Researchers भी यह मानते हैं कि यह Shadow web केवल एक Rumor है।

Conclusion

अब हम इस आर्टिकल को यहीं समाप्त करने जा रहे हैं! उम्मीद है आपको Deep web और Dark web के बारे में काफी अच्छे से इस आर्टिकल में जानकारी मिल चुकी होगी! कोई सवाल हो तो आप हमेशा की तरह कमेंट में मुझे बता सकते हैं! साथ ही इस जानकारी को सोशल मीडिया जैसे फेसबुक एवं whatsapp पर अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें! Thanks For Visiting Tagifind.com

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