CRM kya hota hai in hindi

CRM kya hota hai in hindi – यह CRM (Customer Relationship Management) क्या है? बिज़नेस में इसका क्या उपयोग है? आज हम इस टॉपिक को Detail में समझेंगे!

जैसा कि आप जानते हैं की Business जिसका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य profit कमाना होता है। परन्तु बहुत से marketing researchers जिनके बीच यह मतभेद बहुत समय से चल रहा हैं, उनका यह कहना है कि यह aproach यानी profit कमाने को business का सबसे महत्वपूर्ण कार्य मानना, एक बहुत ही narrow approach हैं। यह approach काफी पुराना approach हैं और काफी समय से चला आ रहा हैं। परन्तु , जैसे जैसे दुनिया में modernisation बढ़ा इस approach में भी काफी changes किया गया।

CRM kya hota hai in hindi

Modern युग में business को established करने के बाद businessman का उद्देश्य केवल profit कमाना व profit को बढ़ाना ही नहीं बल्कि customer की आवश्यकता को पूरा करना भी है। Modern businessman, customer की जरूरतो को पूरा करने पर ज्यादा ध्यान देती है, उनके लिये profit कमाना customer के needs को पूरा करने के उद्देश्य के बाद आता हैं। आज के businessman, customers को सर्वोपरि मानते हैं और customers की हर आवश्यकता को पूरा करना अपना परम कर्तव्य समझते हैं।

businessman, customers को अपने product से जोड़े रखने के लिए तथा नये customer को अपना product बेचने के लिये हर प्रकार का मुमकिन प्रयास करते हैं।

Customer की आवश्यकता को पूरा करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण काम बन गया है। आज के समय में इस कार्य को करने के लिए business को management की आवश्यकता पड़ने लगी है। और जब हम customer satisfaction को management की सहायता से करने के बारे में सोचते हैं , तब वहाँ हमारे दिमाग में CRM यानी Customer Relationship Management की बात आती हैं।

चलिए आपके दिमाग में उठे सभी प्रश्नों का जवाब हम आपको इस article के मदद से देंगे। हमें यह विश्वास है कि इस article को पढ़ने के बाद CRM के विषय में आपके मन में जो भी प्रश्न होंगे उन सभी का जबाब आपको मिल जाएगा और साथ ही साथ CRM से जुड़ी अन्य विषय की भी जानकारी मिलेंगी।

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CRM से आप क्या समझते हो ?

CRM जिसका पूरा नाम customer relationship management हैं। यह company और customers के बीच के संबंध को और भी मजबूत बनाता हैं। इसके अंदर बहुत से ऐसे साधन मौजूद होते हैं जो company और customer के बीच वार्तालाप को बनाए रखते हैं। CRM company और customers के बीच अच्छे सम्बन्ध इसलिये स्थापित करता हैं क्योंकि company उन customers को बहुत समय तक अपने product व services बेच सके ।

अगर हम बहुत ही सरल शब्दों में कहें तो “customer relationship management का तात्पर्य नये customers के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने तथा पुराने customers के साथ संबंध को बेहतर बनाने से है। जिससे कि ग्राहक future में वापस उसी company की products व services को खरीदते रहें। जिसका लाभ यह होगा कि हमारा Business grow करेगा और साथ ही उसका goodwill भी बढ़ेगा।

अन्य शब्दों में कहे तो CRM एक business strategy है, जो किसी भी business को निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।यह लक्ष्य हैं –

  1. ग्राहक की बेहतर समझ।
  2. बेहतर सेवा के माध्यम से मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखना।
  3. नए ग्राहकों में लाना।
  4. नए ग्राहकों का विकास।
  5. नए अनुबंधों का विकास।
  6. एक व्यवसाय की लाभप्रदता बढ़ाएँ।
  7. Customer management cost को कम करें।

ग्राहक से संबंध बेहतर बनाने के लिए हमें उन्हें बहुत से बेहतर सुविधायें देनी पड़ेंगी तथा साथ ही उनके द्वारा दिये गए feedbacks पर भी ध्यान देना होगा। अगर customer को किसी तरह का कोई complain हैं तो जल्द से जल्द उसे ठीक करना होगा।

अगर हम customer relationship management को एक समीकरण के रूप में दिखाए तो यह कुछ इस प्रकार दिखेगा – [CRM = Identify customer needs + relationship management]

CRM एक ऐसा software हैं, जिसके द्वारा कोई भी कंपनी अपने Customer के साथ नये contact बना सकती है। तथा साथ ही साथ existing contact को भी संभालती हैं।

CRM kya hota hai in hindi

अगर हम customer relationship management को एक large scale में बताए तो वह प्रत्येक कस्टमर के साथ हुए interaction , sales , तथा behavior को track करती है तथा उनका पुरा record रखता है तथा इस record का प्रयोग कर आसानी से businesses की performance तथा growth को बहुत ही easy way में measure कर सकते है।

आपको यह तो पता चल गया कि CRM यानी Customer Relationship Management क्या है, तो चलिये अब हम आपको बताते हैं कि यह किसी भी business के लिये इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं!

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CRM की आवश्कता ? यह क्यों जरूरी है?

Importance of Customer Relationship Management (CRM):

Customer Relationship Management (CRM) एक ऐसी रणनीति है जिसके management के मदद से company अपने ग्राहकों और विक्रेताओं को business में interest बनाने के लिए एक कुशल तरीके से management और administrative के कार्य को करने के लिए अनुकूलित किया जाता है।

Customer relationship management modern युग में customers के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने और नये सम्बन्ध बनाने में सबसे मजबूत और सबसे कुशल approach है। Customer relationship management न केवल एक शुद्ध business का भाग है, बल्कि यह लोगों के भीतर मजबूत human relationship bond को भी पूरा करता है। Customers के साथ इस प्रकार के संबंध का विकास business को सफलता के नए स्तरों तक ले जाता है और साथ ही साथ business के profit को भी अनेक उचाईयों पर ले जाता हैं।

CRM के मदद से एक बार जब company और customers के बीच व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव बन जाता है,तब किसी भी organisation के लिए किसी भी ग्राहक की वास्तविक ज़रूरतों की पहचान करना और उनके ज़रूरतों को पहचान कर उन्हें बेहतर तरीकों से सेवा करने में मदद करना बहुत आसान होता है।

Modern युग में बहुत सारे लोगो की यह धारणा है कि customer relationship management को लागू करने के लिये जितनी अच्छी रणनीति का इस्तेमाल किया जाएगा , business उतना ही मजबूत और फलदायी, और long term के लिये sustainable होगा। ज्यादातर organizations ने CRM System को अपने कार्य स्थल में बनाने व बनाए रखने के लिए विश्व स्तर के उपकरण इस कार्य को करने के लिये लगाए हैं। जितने भी बड़े बड़े business हैं वो आने business में बहुत प्रसिद्ध Organisations को नियुक्त करते हैं और इन Organisation में उपयोग किए जाने वाले कुछ कुशल उपकरण जैसे Batch book, Sales force आदि हैं।

वर्तमान समय में “Customer Relationship Management ” एक काफी प्रचलित शब्द हैं जो किसी भी business को customer management के बारे में बताने के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। विभिन्न CRM tool और technique जिसका उपयोग business contacts बनाने तथा customer contact बनाने व उन्हें manage आदि कार्यो को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है। ग्राहकों की संतुष्टि किसी भी प्रकार के ई-कॉमर्स ऑर्डर में सबसे महत्वपूर्ण factor है इस लक्ष्य पर पहुंचने के लिए, organization नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए और कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं। मौजूदा ग्राहकों को एक साथ संतुष्ट रखें। सफल होने के लिए, e-commerce Electronic Customer Relationship Management (E-CRM) नामक एक प्रणाली बनाता है। E-CRM एक प्रणाली है जो समर्थन के साथ बेहतर ग्राहक सेवाएं प्रदान करने की कोशिश करती है। Customer Relationship Management (CRM) वास्तव में लक्ष्य का स्थानांतरण है। पारंपरिक विक्रेता द्वारा संचालित दृष्टिकोण से एक संगठन ग्राहक-संचालित उद्यम या खरीदार संचालित दृष्टिकोण के लिए। यह ख़रीदार चालित दृष्टिकोण वैकल्पिक रूप से ‘out of out’ के रूप में जाना जाता है, ग्राहकों की संतुष्टि के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, कंपनियां ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करने और उनके साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने की कोशिश करती हैं।

जैसे कि हमने आपको इस article में CRM और E-CRM के बारे में बताया। अब हम आपको बताएँगे कि CRM कितने प्रकार के होते हैं? जिससे CRM से related आपको हर information मिल जाएगी।Types of CRM (CRM के प्रकार):

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CRM को 3 भागो में बाटा गया हैं, जिनके नाम हैं :

  • Operational CRM
  • Analytical CRM
  • Collaborative CRM.

1.Operational CRM : operational CRM “internet enabled” software CRM को संदर्भित करता है क्योंकि E-CRM “internet enabled” software है, इसका अर्थ है कि यह किसी भी web browser व internet के माध्यम से कहीं से भी assessed हो सकता है। E-CRM में ईमेल भेजने की सुविधाएँ, IP पर आवाज़ record करने की सुविधाएँ उपलब्ध हैं जो customer relationship management प्रक्रिया के एक भाग के रूप में शामिल हैं।

यदि हम दूसरे शब्दों में कहे कि CRM व्यापार करने का नवीन तरीका है जो अन्य सभी मौजूदा application से अलग है, जो अन्य management tool से जुड़े होते हैं। E-CRM में विभिन्न क्षैतिज रूप से एकीकृत व्यावसायिक प्रक्रियाओं का स्वचालन शामिल है।

E-CRM, front-end facing application को लागू करता है और परिचालन components में सेल्स प्रोसेस, कॉल सेंटर ऑटोमेशन, हेल्प लाइन, टोल फ्री नंबर आदि का स्वचालन शामिल है। Operational E-CRM को ERP अनुप्रयोगों के वित्तीय और HR कार्यों के साथ एकीकृत किया जा सकता है।

इस प्रकार का परिचालन E-CRM एक को एक मजबूत कार्यक्षमता प्रदान करता है जहां ERP back end एप्लिकेशन बनाता है। वास्तविकता में इस तरह का एकीकरण व्यवसाय को ग्राहक केंद्रित बनाता है। इस प्रकार हम देख सकते हैं कि परिचालन ई-सीआरएम ग्राहक और कंपनी के बीच द्विदिशीय आवागमन का समर्थन करता है।

Analytical CRM : Analytical CRM तीन प्रमुख अवधारणाओं को ध्यान में रखता है, जिसका उल्लेख नीचे दिया गया हैं:

1)Data warehouse,
२) Data mining,
3) OLAP.

Analytical CRM ग्राहक data warehouse का उपयोग करता है और इस Data का उपयोग करके मॉडल बनाता है जैसे कि Front-End tools। और मार्केटिग रिसर्च data का उपयोग करके back-End में data warehouse बनाता है। ऊपर जिन धारणाओ का नाम दिया गया हैं उनमें सबसे प्रमुख Data warehouse हैं जिसका उल्लेख नीचे दिया गया हैं।

Data warehouse : Data warehouse एक व्यवसाय द्वारा बड़ी मात्रा में सूचना के इलेक्ट्रॉनिक warehouse को संदर्भित करता है।Data warehouse को बहुत सुरक्षित तरीके से संग्रहीत किया जाना चाहिए, दृढ़ता से विश्वसनीय, पुनः प्राप्त करना आसान और इसे प्रबंधित करना आसान है।

data warehouse का निर्माण 1988 में आईबीएम के शोधकर्ताओं बैरी देवलिन और पॉल मर्फ़ी के काम के साथ हुआ था। business हाउस data एक्सप्लोरेशन और data माइनिंग में इस्तेमाल के लिए data warehouse का इस्तेमाल करते हैं।

Data warehouse का उपयोग सूचना के प्रतिरूपों के लिए किया जाता है जो उनके व्यवसायों की performance को बेहतर बनाने में मदद करेगा। एक दूसरे के data तक पहुंचने के लिए कंपनी के भीतर विभिन्न विभागों के लिए आसान है। उदाहरण के लिए, एक Data warehouse किसी कंपनी के प्रबंध निदेशक को sales टीम के data की आसानी से जांच करने और sales के प्रदर्शन को बेहतर बनाने या sales विभाग को कैसे कारगर बनाने के बारे में ठोस निर्णय लेने में मदद कर सकता है

Data warehouse वास्तव में किसी संगठन के इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत data का भंडार होता है। सूचना का भंडार प्रासंगिक data को नियमित आधार पर जमा करता है। जो उपयोगकर्ता जानकारी का उपयोग करना चाहते हैं, वे अपने हितों के लिए Relevant content खोजने के लिए इस तरह के एक रिपॉजिटरी को खोज सकते हैं।

रिपॉजिटरी में विभिन्न प्रकार की जानकारी शामिल हो सकती है, जिसमें images, वीडियो और टेक्स्ट शामिल हैं। specific content खोजने के लिए उपयोगकर्ता अपनी खोज को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। Data warehouse को data की रिपोर्टिंग और data के विश्लेषण की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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इस संदर्भ में ध्यान दिया जाना चाहिए कि data को निकालने और विश्लेषण करने के तरीके, data को निकालने और data शब्दकोश का प्रबंधन करने के लिए भी किसी भी Data warehousing system को आवश्यक घटक माना जाता हैं। अच्छा Data warehousing system एक बार लागू होने के बाद भी इसे बना सकता है।

3.Collaborative CRM : Collaborative CRM एक दृष्टिकोण है जहां एक कंपनी के विभिन्न विभाग, जैसे बिक्री, तकनीकी सहायता, और विपणन, ग्राहकों के साथ बातचीत से उनके द्वारा एकत्र की जाने वाली किसी भी जानकारी को साझा करें।

उदाहरण के लिए, ग्राहक प्रतिक्रिया एक तकनीकी सहायता टीम से एकत्र हुई और वह विपणन कर्मचारियों को उन उत्पादों और सेवाओं के बारे में सूचित कर सकती है जो मौजूदा और संभावित ग्राहक के लिए रुचि का केन्द्र हो सकती हैं।

Collaborative CRM का उद्देश्य ग्राहक सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है, और इस प्रकार ग्राहकों की संतुष्टि और वफ़ादारी को बढ़ाना है। Collaborative CRM में सहयोगी सेवाओं का अनु प्रयोग शामिल है, जिसमें ई-मेल, कॉल सेंटर, हेल्प लाइन, फ़ोरम, e-comminity इत्यादि शामिल हैं जो ग्राहकों और organization के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। जैसे-जैसे ग्राहक की समझ में सुधार होता है, उन्हें दी जाने वाली सूचना और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।

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Conclusion

साथियों आज किस आर्टिकल में आपने जाना सीआरएम क्या है सीआरएम कितने प्रकार के हैं और यह कैसे किसी बिजनेस में उपयोगी है। उम्मीद है इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए सहायक होगी! जानकारी पसंद आई है तो आप इसे सोशल मीडिया जैसे फेसबुक एवं whatsapp पर जरूर शेयर करें। thanks for visiting in this blog https://tagifind.com/

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