सॉफ्टवेयर क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में!

  • Software क्या है?
  • System Software क्या है?
  • Utility सॉफ्टवेयर होते क्या हैं?
  • Application Software क्या है? 

हेलो दोस्तों! आज का हमारा विषय है कंप्यूटर सॉफ्टवेयर यदि आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर के बारे में अक्सर सुनने को मिलता होगा।और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तो आप रोजाना करते ही होंगे!

लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह सॉफ्टवेयर असल में होता क्या है? तथा यह कितने प्रकार के होते हैं? सॉफ्टवेयर के क्या-क्या लाभ हैं? अक्सर हमें इन चीजें के बारे में कोई जानकारी नहीं होती!

परंतु एक कंप्यूटर या मोबाइल यूजर होने के नाते हमें सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी होनी चाहिए! ताकि हम अपने डिवाइस की उपयोगिता को समझ सके!

दोस्तों सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग होता है! जिसके बिना हम किसी टास्क को पूरा नहीं कर सकते! इसीलिए किसी कंप्यूटर में विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर पाए जाते हैं जैसे कि गेमिंग, राइटिंग, ब्राउजिंग आदि होते हैं जिनकी मदद से हम किसी टास्क को पूरा कर पाते हैं!

क्या आप जानते हैं आपके कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम भी सब एक सॉफ्टवेयर होता है? जैसा कि आप जानते ही होंगे कि बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के तो हम कंप्यूटर को run भी नहीं कर सकते! अतः यदि आप भी सॉफ्टवेयर के बारे में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं तो आज के इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े चलिये जानते कि सॉफ्टवेयर होता क्या है?

Software क्या है?

सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या सिर्फ सॉफ्टवेयर के नाम से से जाना जाता है! सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को दिए गए निर्देश तथा data का कलेक्शन होता है जो कंप्यूटर को निर्देश देता है कि कैसे कार्य करना है? इसलिए यदि हम सॉफ्टवेयर की परिभाषा को समझें तो “सॉफ्टवेयर निर्देशों प्रोग्राम्स तथा डाटा का एक सेट होता है जो यूजर को कंप्यूटर को ऑपरेट करने तथा किसी टास्क को पूरा करने में मदद करता है!

दूसरी ओर हार्डवेयर फिजिकल भाग होता है! और हार्डवेयर की वजह से एक सॉफ्टवेयर कार्य करता है! दोस्तों सॉफ्टवेयर को आमतौर पर Application, Programme आदि शब्दों के साथ भी जोड़ा जाता है।

सॉफ्टवेयर को हम छू या महसूस नहीं कर सकते! उदाहरण के लिए यदि हम डिवाइस पर गेमिंग Application रन करते हैं अतः गेम खेलने के दौरान हम उस गेम में किसी car या प्लेयर को वास्तव में छू नहीं सकते!

जबकि दूसरी और कंप्यूटर में लगे हार्डवेयर कॉम्पोनेंट्स को हम उन्हें छूने के साथ ही बदल भी सकते हैं! सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं!

इंटरनेट ब्राउजर जैसे कि- गूगल क्रोम,फायरफॉक्स,ओपेरा! ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे- एंड्राइड,linix, windows आदि!
ऑडियो म्यूजिक जैसे- vlc player, windows मीडिया प्लेयर आदि!
डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर जैसे- फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर आदि!

तो दोस्तों इस तरह विभिन्न tasks को पूरा करने के लिए कंप्यूटर में लाखों सॉफ्टवेयर बनाए गए हैं! दोस्तों हम तौर पर सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं! Application सॉफ्टवेयर तथा system सॉफ्टवेयर चलिए हम विस्तारपूर्वक सिस्टम सॉफ्टवेयर तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दोनों के बारे में जान लेते हैं!

Application Software क्या है? 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को end to user प्रोग्राम भी कहते हैं! क्योंकि यूजर अपनी आवश्यकता के मुताबिक इन Programms को अपने सिस्टम में इंस्टॉल करता है!

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को specific उद्देश्य से बनाया जाता है तथा सरल शब्दों में इसकी परिभाषा को समझें तो “एक सॉफ्टवेयर जो यूजर के विशेष टास्क को पूरा करने के लिए बनाया गया हो उसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है”

मान लीजिए यदि आपको अपने कंप्यूटर पर एक डॉक्यूमेंट क्रिएट करना है तो इसके लिए आप Ms वर्ड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं! एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को सामान्यतः एप्लीकेशन या ऐप के नाम से भी जाना जाता है!

System Software क्या है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर होता है जो अन्य सॉफ्टवेयर्स के लिए प्लेटफार्म प्रदान करता है! इसे एक उदाहरण की सहायता से समझे तो microsoft विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है इस ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए यूजर अपने कंप्यूटर में अन्य software (नोटपैड म्यूजिक प्लेयर, ब्राउज़र) का उपयोग कर सकते हैं! अतः सिस्टम सॉफ्टवेयर user की अपेक्षा सिस्टम के लिए अधिक महत्वपूर्ण होता है!

सिस्टम सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं!

windows Xp
Windows 10
Windows 8
Mac os
Linux
Android
Anti virus आदि!

इसके अलावा भी आपके सिस्टम में एक सॉफ्टवेयर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है जिसे हम यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कहते हैं! चलिये जानते हैं!

Utility सॉफ्टवेयर होते क्या हैं?

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का काम सिस्टम को सर्विस या रिपेयर करने का होता है। यह यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से कार्य करते हैं जिससे यूजर के सिस्टम की कार्य क्षमता तथा गति को बढ़ाया जा सकता है। दोस्तों आमतौर पर यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल वे यूजर करते हैं जिन्हें कंप्यूटर के टेक्निकल नॉलेज होती है! क्योंकि इनका इस्तेमाल ध्यानपूर्वक करना पड़ता है! दोस्तों इसके साथ ही आपका यह जानना जरूरी है कि utility सॉफ्टवेयर सिस्टम में पहले से pre-installed होते हैं यानी यह पहले से ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आते हैं! परंतु कुछ सिस्टम सॉफ्टवेयर को बाहर से भी इंस्टॉल करना पड़ता है!

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं!

antivirus
disk difragment
disk cleaner
winzip

सॉफ्टवेयर के फ़ायदे?

◆सॉफ्टवेयर किसी कंप्यूटर का आधार होते हैं बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता!

◆ यूजर के विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न तरह के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनसे हम किसी टास्क को जल्दी तथा बेहतर तरीके से कर पाते हैं!

◆ सॉफ्टवेयर की मदद से यूजर्स अपने कंप्यूटर सिस्टम को अपनी आवश्यकतानुसार कस्टमाइज कर सकते हैं

◆ सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर में इनस्टॉल कर मदद की थीम तथा अन्य प्रोग्राम्स को रिप्लेस किया जा सकता है।

तो दोस्तों इस तरह सॉफ्टवेयर के कई सारे फायदे हैं! इसलिए संक्षेप में कहें तो बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर अधूरा है! दोस्तों आज के इस लेख को पढ़कर आपने सीखा कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या है? सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?

उम्मीद है यह जानकारी आपको पसंद आई होगी यदि आपके मन में किसी तरह का सवाल है तो आप हमें कमेंट के जरिए पूछ सकते हैं! आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो कृपया सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले! Thansk for visiting in this blog https://tagifind.com

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